इलाहबाद के नैनी और अटाला में 2 बूचड़खाने सील, प्रदेश भर में की जा रही कारवाही


प्रदेश में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बूचड़खानों (स्लाटर हाउस) को बंद करने की घोषणा से सकते में आए नगर निगम प्रशासन ने रविवार रात करेली पुलिस पुलिस की मौजूदगी में अटाला और नैनी के चकदोंदी मोहल्ले में मानक के विपरीत चल रहे स्लाटर हाउस को ताला लगाकर बंद करने के बाद सील कर दिया। शहर में अटाला के साथ रामबाग और नैनी के बूचड़खानों को बंद करने का आदेश एनजीटी पहले ही दे चुका है।

शहर में करेली स्थित अटाला और कीडगंज के रामबाग में दो तथा नैनी के चकदोंदी मोहल्ले में बूचड़खाने हैं। मई 2016 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर अवैध रूप से चल रहे बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। प्रदेश में 250 से ज्यादा अवैध बूचड़खाने चिह्नित हैं। जिन्हें नगर निगम और संबंधित विभाग के अफसर कागज पर बंद बता रहे हैं। वास्तविकता यह है कि इन बूचड़खानों में रोज सैकड़ों जानवर काटे जाते हैं।

 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अवैध रूप से मानक के विपरीत चल रहे बूचड़खानों को सरकार बनते ही बंद कराने की घोषणा की थी। इसी क्रम में शपथ लेने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने बूचड़खानों को बंद कराने की घोषणा को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता जताई। इसके तुरंत बाद नगर निगम प्रशासन रविवार होने के बावजूद हरकत में आ गया। निगम के पशुधन अधिकारी डॉ. धीरज गोयल मातहतों की टीम के साथ पहले करेली थाने पहुंचे। वहां से एसओ संग फोर्स लेकर अटाला स्थित बूचड़ खाने पहुंचे। वहां स्लाटर हाउस के गेट पर ताला लगा सील करने की कार्रवाई की गई।

इसके बाद टीम सदस्य नैनी स्थित चकदोंदी स्लाटर हाउस पहुंचे। यहां भी बूचड़खाने को बंद करा सील किया गया। बताते हैं कि एजीटी के आदेश के बाद निगम प्रशासन ने कागज पर स्लाटर हाउस बंद दिखा दिया। जबकि वहां हर दिन जानवर काटे जाते रहे। जानकारी के मुताबिक 90 की क्षमता के विपरीत अटाला स्लाटर हाउस में तीन सौ से अधिक जानवर रोज काटे जाते हैं। आसपास के लोग जानवरों की हड्डियों, खून, खाल और बदबू से परेशान रहते हैं। निगम के पशुधन अधिकारी डॉ. धीरज गोयल के मुताबिक नैनी के चकदोंदी और अटाला स्लाटर हाउस बंद करा सील किया गया। रामबाग में जानवर न काटे जाएं, इसके लिए सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
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