बाबरी पर 2 साल में न्याय चाहता है सुप्रीम कोर्ट, राम मंदिर को 2010 से ही लटकाये हुआ है



बाबरी मस्जिद पर बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया 
15 हिन्दू नेताओं के ऊपर आपराधिक साजिश का केस चलेगा, और इस फैसले में और क्या क्या कहा 

* 2 साल में ही केस का फैसला होता, रोज इस केस में सुनवाई होगी, जबतक सुनवाई ख़त्म नहीं होती जज का ट्रांसफर भी नहीं होगा, और छुट्टियों में भी कोर्ट चलेगा 

वाकई जल्दी में है सुप्रीम कोर्ट बाबरी मस्जिद को न्याय दिलाने में 
अब आइये एक और मामले पर जो सुप्रीम कोर्ट में 2010 में ही आया और आज 2017 हो चूका है यानि 7 साल और सुप्रीम कोर्ट ने उस मामले में आजतक 1 सुनवाई भी नहीं की 

जी हां, 2010 में इलाहबाद हाई कोर्ट ने निर्णय दिया था की अयोध्या में राम मंदिर ही था, जिसे तोड़कर ऊपर बाबरी मस्जिद बनी, इसके सरे सबूत भी मौजूद है, खुदाई में मंदिर के अवशेष भी मिले है 
2010 में इलाहबाद हाई कोर्ट ने मंदिर बनाने का आदेश दिया 

जिसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट में 2010 में ही चला गया पर आजतक 7 साल होने के बाबजूद सुप्रीम कोर्ट इसे दबाये बैठा है 
मस्जिद को 2 साल में ही न्याय दिलाना चाहता है कोर्ट, पर मंदिर पर अगले 500 साल भी फैसला नहीं करना चाहता 

आपको याद होगा की बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका ख़ारिज कर दी थी 
जिसमे उन्होंने मंदिर पर भी जल्द सुनवाई की मांग करि थी 
सुप्रीम कोर्ट ने तो यहाँ तक हाथ खड़े कर दिए की खुद फैसला कर लो तो अच्छा है, साफ़ है की सुप्रीम कोर्ट के पास सारे सबूत है, फिर भी फैसला नहीं देना चाहता 

ये तो है हमारे देश की न्यायालय, क्या कहा जा सकता है 
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