बस में नहीं होता सलीम शेख तो बच जाती महादेव के 10 भक्तों की जान, नहीं होता देश में मातम !


50 हजार सैनिकों की तैनाती के बाद भी आतंकियों ने 10 अमरनाथ यात्रियों को मार दिया, मोदी सरकार के मंत्री उस ड्राईवर को हीरो बना रहे हैं जिसको तुरंत गिरफ्तार करके कड़ी पूछताछ होनी चाहिए कि रात में बिना सुरक्षा के बस क्यों आगे बढ़ाया, अमरनाथ श्राइन बोर्ड में बस का रजिस्ट्रेशन कराकर सुरक्षा क्यों नहीं ली. अगर सलीम ने इमानदारी से काम किया होता तो आज सातों यात्री हमारे बीच जीवित होते और इतना बड़ा हंगामा ना खड़ा होता.

आपको बता दें कि अमरनाथ यात्रा करना बहुत ही खतरनाक है, कदम कदम पर आतंकी बैठे हुए हैं इसलिए अमरनाथ यात्रा पर जाने वाली सभी बसों को अमरनाथ श्राइन बोर्ड में रजिस्टर करवाना होता है, रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अमरनाथ श्राइन बोर्ड बसों की पूर्ण रूप से सुरक्षा देता है, अमरनाथ श्राइन बोर्ड सुरक्षा देने के लिए कुछ फीस भी लेता है.

आपको बता दें, अमरनाथ यात्रा पर जाने वाली सभी बसें और गाड़ियाँ पहले अमरनाथ श्राइन बोर्ड में रजिस्ट्रेशन करवाती हैं और फीस देती हैं, उसके बाद ये गाड़ियाँ काफिले में एक साथ निकलती हैं, इस काफिले के चारों तरह सुरक्षाबलों की गाड़ियाँ चलती हैं, काफिले में चलने की वजह से आतंकी हमला होना असंभव है.

लेकिन, सलीम ने थोड़े से पैसे बचाने के लिए अपनी बस का अमरनाथ श्राइन बोर्ड में रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया, यह हर ड्राईवर की जिम्मेदारी होती है कि ऐसी कठिन यात्रा पर निकलने से पहले नियम का पालन करे, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे लेकिन सलीम ने ऐसा नहीं किया, बस का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जिसकी वजह से अमरनाथ श्राइन बोर्ड भी यात्रियों को सुरक्षा नहीं दे सकी, इसलिए बस खराब होने के बाद काफिले के पीछे रह गयी वरना अमरनाथ श्राइन बोर्ड खुद ही बस को ठीक करवाता और पूरी सुरक्षा भी देता लेकिन यात्रियों का दुर्भाग्य था कि वे सलीम की बस में बैठे थे. 

यात्रियों का दुर्भाग्य था कि उनसे झूठ बोलकर उन्हें बिना सुरक्षा के अमरनाथ यात्रा पर ले जाया गया, वे तो सोच रहे होंगे कि ड्राईवर ने हर नियम का पालन किया होगा, अमरनाथ श्राइन बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कराया होगा, हमें पूरी सुरक्षा मिलेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ, आतंकियों ने बस पर हमला कर दिया और 10 निर्दोष यात्री मारे गए. कुछ लोग कह रहे हैं कि सलीम ना होता तो 50 यात्री मारे जाते लेकिन हम कह रहे हैं कि अगर सलीम ना होता तो सभी यात्री जिन्दा होते.
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